‘पद्मावत’ के बाद कंगना रनौत की फिल्म ‘मणिकर्णिका’ पर ​भी ​विवाद, ब्राह्मण महासभा भड़की

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Kangana Runout
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—संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ के विरोध के बाद अब रानी लक्ष्मीबाई पर बन रही फिल्म ‘मणिकर्णिका’ पर भी ब्राह्मणों ने विरोध करना शुरू कर दिया है।

नई दिल्‍ली।

बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की फिल्‍म ‘पद्मावत’ का जमकर विरोध करने के बाद अब अभिनेत्री कंगना रनौत की आगामी फिल्‍म मणिकर्णिका: द क्‍वीन ऑफ झांसी का ब्राह्मणों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। संजय लीला भंसाली की ‘पद्मावत’ फिल्म का राजस्‍थान की श्री राजपूत करणी सेना ने विरोध किया थी।

अब कंगना रनौत की आने वाली फिल्म ‘मणिकर्णिका’ पर राजस्‍थान की ‘ब्राह्मण महासभा’ ने अपना विरोध जताया है। फिल्म ‘मणिकर्णिका’ की अधिकतर शूटिंग राजस्‍थान में ही की जा रही है।

राजस्थान के जयपुर जिले में फिल्‍म की शूटिंग करने के बाद जानकारी के मुताबिक कंगना जोधपुर में फिल्म की शूटिंग कर रही हैं। बता दें कि जल्‍द ही वह बीकानेर में भी इस फिल्म की शूटिंग शुरू करने वाली हैं।

राजस्‍थान में भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ का विरोध इस कारण किया गया था ​कि इस फिल्म में एतिहासिक तथ्‍यों के साथ छेड़छाड़ किया गया है। साथ ही फिल्‍म में अलाउद्दीन खिलजी और पद्मावती के बीच ड्रीम सीक्‍वेंस फिल्‍माए जाने पर भी बवाल मच गया था। जो फिल्‍म में था ही नहीं।

अब सोमवार को जयपुर में मीडिया से वार्ता करते समय सर्व ब्राह्मण महासभा के अध्‍यक्ष सुरेश मिश्रा ने बताया है कि इस फिल्म में ‘मणिकर्णिका: द क्‍वीन ऑफ झांसी’ में इतिहास के साथ छेड़छाड़ किया गया है। इसके आगे उन्होंने कहा कि फिल्‍म में रानी लक्ष्‍मीबाई का एक ब्रिटिश शख्स के साथ प्रेम प्रसंग भी दिखाया जा रहा है।

मिश्रा ने बताया है कि हमें यह जानकारी अपने राजस्‍थान के अगल-अलग भागों के मित्रों और जानने वालों से मिली है। जहां इस फिल्‍म की शूटिंग कि गई है। इस फिल्म की कहानी विदेश की एक बुक पर आधारित है। इसमें रानी के सम्मान को गिराने का प्रयास किया जा रहा हैं।

जानकारी दें कि फिल्म ‘मणिकर्णिका: द क्‍वीन ऑफ झांसी’ रानी लक्ष्‍मीबाई के जीवन पर बनाई जा रही है। इस फिल्‍म में कंगना रनौत रानी लक्ष्मीबाई का किरदार में नजर आएंगी। इस फिल्‍म के राइटर बॉलीवुड के जाने माने लेखक के. वी. विजयेंद्र हैं।

जिन्होंने बाहुबली, बाहुबली द कनक्लूजन और बजरंगी भाईजान जैसी सफल फिल्मों की कहानी लिखी हैं। जबकि फिल्‍म के गीत और संवाद प्रसून जोशी के द्वारा लिखे गए हैं।

1857 की नायक रहीं वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का जन्म सन् 1828 में बनारस में एक मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। रानी लक्ष्‍मीबाई का बचपन तुलसी घाट के बगल अस्सी और रीवा घाट पर बीता हैं।

इसी घाट की सीढ़ियों पर उन्होंने घुड़सवारी और तलवारबाजी चलाना सीखा है। इसके बाद रानी लक्ष्मीबाई के जीवन में कई उतार चढ़ाव आए। बच्चे को खोया, पति को खोया, फिर राजपाट खोया। परन्तु खोया नहीं तो आत्मबल।

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