“दो कौड़ी” के BJP विधायकों का मामला पहुंचा मोदी-शाह के पास, निलंबित हो सकते हैं गुंजल

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—दो दिन पहले कोटा में भिड़े कोटा उत्तर से बीजेपी विधायक प्रहलाद गुंजल और रामगंज मंड़ी से विधायक चंद्रकांता मेघवाल को लेकर पार्टी नहीं कर पा रही है निर्णय।

कोटा/नई दिल्ली।

राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के दो विधायकों “दो कौड़ी” के शब्दों वाल लड़ाई का मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के कार्यालय पहुंच चुका है। इस मामले में विधायक चंद्रकांता मेघवाल ने पत्र लिखकर पीएमओ से इस मामले में दखल देने की मांग की है। इधर, पार्टी के संगठन मंत्री चंद्रशेखर और प्रदेश प्रभारी वी सतीश ने चंद्रकांता मेघवाल से बात कर पूरे मामले की तह तक जांच कर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।

ताजा घटनाक्रम के अनुसार इस मामले में भाजपा के कोटा उत्तर से विधायक प्रहलाद गुंजल का पार्टी से निष्कासन हो सकता है।

दरअसल, भाजपा के कोटा प्रभारी मंत्री के सामने समीक्षा बैठक में पार्टी के कोटा उत्तर से विधायक प्रहलाद गुंजल ने चंद्रकांता मेघवाल को दो कौड़ी का बोला था, जिसके बाद राज्य भाजपा में बवाल मचा हुआ है। अब चंद्रकांता मेघवाल के द्वारा यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पास भेजा है। एमएलए चंद्रकांता ने इस मामले की शिकायत मेल भेजकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। इधर, कोटा संभाग सहित कई जगह दलित समुदाय के लोगों ने उनके समर्थन में जगह जगह विधायक प्रहलाद गुंजल के पुतले जलाकर विरोध दर्ज करवाया है। कांग्रेस पार्टी ने इसको दलित समुदाय और महिलाओं को अपमान करार दिया है। पिछले साल भी विधायक चंद्रकांता मेघवाल और उनके पति के साथ थाने में पिटाई का मामला सामने आया था।

इससे पहले भी बीजेपी के विधायक प्रहलाद गुंजल द्वारा कोटा सीएमएचओ को फोन पर भद्दी भद्दी गालियां देने और धमकाने के आरोप में निलंबन झेलना पड़ा था। हालांकि, बाद में उनका निलंबन निरस्त कर पार्टी में वापस ले लिया गया था।

जानकारी के अनुसार भाजपा विधायक चंद्रकांता मेघवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे,प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर और प्रदेश प्रभारी वी सतीश को पत्र भेजकर 12 मई को कोटा स्थित कलेक्ट्रेट के टैगोर भवन में हुई इस घटना की विस्तार से जानकारी देते हुए प्रहलाद गुंजल के खिलाफ कार्यवाही करने की अपील की है। अपने पत्र में विधायक मेघवाल ने लिखा है कि कोटा के प्रभारी मंत्री प्रभुलाल सैनी व पार्टी के अन्य विधायकों, राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के सामने उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और एमएलए प्रहलाद गुंजल ने उनको दो कौड़ी की महिला कहकर संबोधित किया है। मेघवाल ने कहा है कि विधायक ने यह शब्द बोलकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया है। विधायक गुंजल ने मीटिंग में कहा था कि, ‘यह दो-दो कौड़ी के लोग जिनको राजनीति में हम लेकर आए हैं, जो इस तरह की हिम्मत कर रहे हैं।’ मेघवाल ने अपनी शिकायत में कहा है कि इससे वे अपने अापको काफी अपमानित, लज्जित और असुरक्षित महसूस कर रही हैं। साथ ही इस बेहद निराशाजनक घटना के बाद से काफी सदमें में हैं। उन्होंने पत्र में कहा कि गुंजल इससे पहले भी कई बार सार्वजनिक शादी समारोह, सार्वजनिक स्थलों व पत्रकारों के सामने बयान देकर मुझे और सैंकडों अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों को अपमानित कर चुके हैं। विधायक गुंजल ने 15 अप्रैल 2018 को भी बयान दिया कि ‘मैं चंद्रकांता मेघवाल की बातों का जवाब देना अपना लेवल नहीं समझता।’ इसके साथ ही मेघवाल ने पूरे घटनाक्रम और इसी साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के साथ ही अगले साल प्रस्तावित लोकसभा चुनावों को देखते हुऐ पार्टी हित में शीघ्र से शीघ्र उचित कार्यवाही करने की मांग की है।
यह है पूरी घटना
दरअसल, भाजपा विधायक प्रहलाद गुंजल व बीजेपी की ही एमएलए चंद्रकांता मेघवाल के बीच पिछले लंबे समय में चली आ रही नौकझौक शनिवार को खुलकर सार्वजनिक हो गई। कृषिमंत्री एवं कोटा के प्रभारी मंत्री प्रभुलाल सैनी के समक्ष समीक्षा बैठक में दोनों विधायकों के मध्य अपने-अपने क्षेत्रों में काम करवाने को लेकर तनातनी इतनी बढ़ गई कि सार्वजनिक जीवन की सभी मर्यादाएं तार-तार हो गईं। विधायक प्रहलाद गुंजल ने अपनी ही समकक्ष विधायक चंद्रकांता मेघवाल को दो कौड़ी की कहा था। जिसके जवाब में चंद्रकांता मेघवाल ने भी उनको दो कौड़ी का बता दिया था। इस दौरान दोनों के बीच खूब तकरार हुई। इस जुबानी जंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सारे प्रकरण के दौरान प्रभारी मंत्री सैनी भी चुपचाप सब सुनते रहे।
प्रकरण और बीजेपी की मर्यादाएं तार—तार
जानकारी के अनुसार मीटिंग में इस विवाद की शुरुआत तब हुई, जब विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की बजट घोषणा के बाद भी हाईवे नंबर 76 के बाईपास पर बंधा धर्मपुरा के सड़क मार्ग पर प्रस्तावित अंडरपास के काम को जानबूझकर लटकाया जा रहा है। गुंजल ने कहा कि यूआईटी इस पर काम नहीं कर रहा। जिसका विधायक चंद्रकांता मेघवाल ने विरोध करते हुए कहा कि, ‘इसकी अभी कोई जरूरत नहीं है, बल्कि उनके विधानसभा क्षेत्र में लोगों काे नाली-पटाव व सड़क की ज्यादा जरूरत है, इसलिए पहले वो काम किए जाएं। इसी बात को लेकर दोनों विधायकों में तीखी तकरार हुई।
ऐसे चले शब्दों के तीर
प्रहलाद गुंजल: सीएम की बजट घोषणा है, अंडरपास बनाओ।
चंद्रकांता मेघवाल: अंडरपास की आवश्यकता नहीं है, इसकी जगह मेरे विधानसभा क्षेत्र में नाली-पटाव बनाओ।
प्रहलाद गुंजल: दो-दो कौड़ी के लोग जिनको हम राजनीति में लाए आज ऐसी बात कर रहे हैं।
चंद्रकांता मेघवाल: मैं दो कौड़ी की तो आप भी दो कौड़ी के हैं, मेरे भाजपा में रहने से आपत्ति है तो निकलवा दो।
प्रहलाद गुंजल: मर्यादा में रहकर बात करो।
चंद्रकांता मेघवाल: मैं मर्यादा में ही हूं, आप कैसे बोल रहे हैं। मैं दो कौड़ी की हूं तो मेरे मां-बाप, पति को परेशानी नहीं।
प्रहलाद गुंजल:बैठ जाइए।
चंद्रकांता मेघवाल: यह बोलने का तरीका सही नहीं है, पहले अपने बोलने का तरीका सुधारिए। मेरे विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी में जाकर मेरे खिलाफ बोलते हैं, वहां कहते हैं जब से मैं यहां से गया विकास शून्य हो गया, मेरे पास पांच दिन पहले बोले गए शब्दों की रिकार्डिंग है।
चंद्रकांता मेघवाल: मैं महिला हूं, इसलिए इस तरह से मत बोलिए, मैंने हमेशा आपका सम्मान किया है।
प्रहलाद गुंजल: बार-बार धर्मपुरा के लिए कहा जा रहा है, बहुत हो गया, यह ठीक नहीं है
भवानी सिंह राजावत: चंद्रकांता के साथ न्याय होगा।
विद्याशंकर नंदवाना: नेताजी आप बीच में नहीं बोलें, आप सीनियर हैं, इसलिए यह शोभा नहीं देता।
भवानी सिंह राजावत:रोड और नाली तो बनेगी।
प्रहलाद गुंजल: मना कौन कर रहा है, लेकिन अंडरपास भी बनाना पड़ेगा, यह मुख्यमंत्री की बजट घोषणा है।
मंत्री प्रभुलाल सैनी: बहुत हो गया, सभी अपनी मर्यादा में रहकर बात करें, अपने क्षेत्र की विधानसभा के बारे में ही बोलें।
यह कहना है दोनों का
विधायक को क्या यह बोलना शोभा देता है कि दो कौड़ी के लोग राजनीति में पहुंच जाते हैं। वे दो बार विधायक बने हैं, तो मैं भी दो बार विधायक रही हूं। महिला विधायक के खिलाफ ऐसी टिप्पणी करना गलत है। इसकी शिकायत में मुख्यमंत्री से करुंगी।
—चंद्रकांता मेघवाल, विधायक, रामगंज मंड़ी
—मैंने तो मुख्यमंत्री की बजट घोषणा में शामिल अंडर पास को शीघ्र बनवाने की बात कही थी, अब उस पर कोई योजनाबद्ध तरीके से विधायक चिल्लाए तो क्या किया जा सकता है? आरोप तो कोई भी किसी पर भी जड़ सकता है, इससे क्या फर्क पड़ता है।

प्रहलाद गुंजल, विधायक, कोटा उत्तर

समीक्षा बैठक में विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में विकास के मुद्दे उठाए हैं, जिस प्रकार से वे सड़क, नाली पटान व अंडरपास के मु्द्दे उठा रहे थे, उससे लग रहा था जैसे उनमें होड़ मची है। ऐसे में थोड़ी बहुत गरमा-गर्मी हो जाती है। यह परिवार का मामला है, किसी ने किसी पर बदनीयती से आरोप नहीं लगाया है।

प्रभुलाल सैनी, कृषि एवं कोटा संभाग के प्रभारी मंत्री
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