“चंबल इन बॉलीवुड”, “बैंडमास्टर”, “एकांतवासी आनंद” और “शापित बचपन” पर धमेंद्र करेंगे चर्चा

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—38th “जयपुर संडे शो” 13 मई को, राजस्थान के प्रसिद् लेखक-निर्देशक-पत्रकार धर्मेंद्र उपाध्याय होंगे रूबरू। “कार्यत कला संस्था” द्वारा होने वाला शो “जयपुर संडे शो” आयोजित किया जा रहा है। लगातार 37 “जयपुर संडे शो” के सफल आयोजन के बाद 38th शो 13 मई को साइंस पार्क कांफ्रेंस हॉल, शास्त्री नगर में शाम 5 बजे से अयोजित किया जाएगा।

जयपुर।

इस बार जयपुरवासियों के सामने राजस्थान के जाने माने लेखक-निर्देशक-पत्रकार धर्मेंद्र उपाध्याय रूबरू होंगे। उनकी द्वारा निर्देशित चार शार्ट फिल्मो “चंबल इन बॉलीवुड”, “बैंडमास्टर”, “एकांतवासी आनंद” और “शापित बचपन” की स्क्रीनिंग की जाएगी, और वे सब के साथ अपने अनुभवों को साझा करेंगे और फिल्ममेकिंग से सम्बधित सवाल जवाबों पर चर्चा करेंगे।

सरमथुरा जिला धौलपुर राजस्थान शिक्षा- एम ए हिंदी साहित्य, मॉस्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मॉस कंयूनिकेशन, संगीत मध्यमा पिंकसिटी जयपुर के पत्रकारिता जगत के साथ रंगमंच और सिनेमा में सक्रिय रहे युवा पत्रकार धर्मेंद्र उपाध्याय ने बतौर फिल्म पत्रकार काम करते हुए कई डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का लेखन- निर्देशन किया है। धूप धौलपुरी के उपनाम से शायरी लिखने वाले धर्मेंद्र उपाध्याय द्वारा लिखित गीत-गजल संग्रह जज्बात की धूप (2010) में, आमिर खान के फिल्मी सफर पर लिखी किताब आमिर खान हिंदी सिनेमा के सेवक (2014) में और उनका कहानी संग्रह अतीत की आवाज 2017 में प्रकाशित हो चुका है। धर्मेंद्र उपाध्याय रंगमंच पर सपने मेरे अपने, जाने कहां गए वो दिन, मैडी एट मायानगरी (स्टेज प्ले) का लेखन-निर्देशन कर चुके हैं। धर्मेंद्र उपाध्याय इन दिनोंं मुंबई स्क्रीन राइटर के रूप में सक्रिय हैं। जल्द ही उनकी लिखी चौथी किताब सिनेमा की स्यायही पाठकों के समक्ष होगी। जिसमें हिंदी फिल्म लेखकों के व्यक्त्वि और कृतित्व का प्रस्तुतिकरण होगा।

1 चंबल इन बॉलीवुड हिंदी सिनेमा के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जयपुर के युवा फिल्म लेखक – निर्देशक धर्मेंद्र उपाध्याय ने श्री राधा गोविंद फिल्मस के बैनर तले डॉक्यूमेंट्री फिल्म चंबल इन बॉलीवुड का निर्माण किया । प्रस्तुत डाक्यूमेंट्री हिंदी सिनेमा और राजस्थान मध्यप्रदेश की सीमा पर बहने वाली चंबल नदी के संबंध को दर्शाती है। फिल्म में विभिन्न झांकियों के माध्यम से हिंदी सिनेमा और रजतपट पर छा चुके चंबल के बीहड़ के स्वरूप को पेश किया गया है। प्रस्तुुत फिल्म में मुझे जीने दो से लेकर पान सिंह तोमर तक की यात्रा समेटी गई है। इस यात्रा में जिन फिल्मों की शूटिंग चंबल में हुई है। उनका जिक्र होने के साथ ही जिन डाकुओं पर फिल्में बनी हैं उनका जिक्र भी किया गया है। इसके साथ ही आने वाले दिनों चंबल घाटी ओर उसके डकैतों के लेकर बन रही चंबल की फिल्मों की योजना की झलक भी शामिल है। फिल्म में पूर्व महिला दस्यु सीमा परिहार और फिल्मकार तिगमांशु धूलिया का साक्षात्कार शामिल है । फिल्म की अवधि बीस मिनिट है

2 बैंडमास्टर राजस्थान के यशस्वी कहानीकार विजयदान देथा की कहानी पर आधारित फिल्म बैंड मास्टर, बैंड से अपनी आजीविका कमाने वालों की जिंदगी पर नजर डालती हैं। फिल्म के प्रमुख किरदार बैंड मास्टर इब्राहीम के जिंदगी के सफर के उतार चढावों के साथ संगीत की उसके जीवन में भूमिका को फिल्म में दर्शाया गया है, कि किस तरह कला से लगाव रखने वाला कलाकार उस कला को ही न्याय नहीं दिलवा पताा है। फिल्म बैंड से जुड़े गरीब कलाकारों की दुर्दशा भी फोकस किया गया है। फिल्म में प्रमुख भूमिका अरविंद कुमार, यश राजस्थानी, राखी शर्मा, प्रियांक शर्मा, और यजुबेंद्र सिंह बीका ने निभाई हैं। फिल्म की अवधि 32 मिनिट है।

3 एकांतवासी आनंद डाक्यूमेंट्री फिल्म एकांतवासी आनंद जयपुर के सिटी पैलेस प्रांगण में स्थित में आनंद कृष्ण बिहारी मंदिर के इतिहास, और किवदंतियों को बयां करती है। यूनेस्को द्वारा राष्ट्रीय धरोहर घोषित होने वाले आनंद कृष्ण बिहारी मंदिर का अपना एक अलग इतिहास रहा है। फिल्म की अवधि लगभग 13 मिनिट है।

4 शापित बचपन डॉक्यूमेंट्री फिल्म शापित बचपन आवारा कुत्तों के मासूम पिल्लों के संघर्षमय बचपन के सफर को दर्शकों के समक्ष लाने का प्रयास करती है। किस तरह उत्तर भारत की तेज ठंड में इन छोटे छोटे मासूम पिल्लों को बचपन गुजरता है और कैसे विपरीत परिस्थितियों में ये मौत से लड़ते हुए अपनी जिंदगी को बचा पाते हैं। फिल्म की अवधि आठ मिनिट है। फिल्म शो के दौरान एक फिल्म क्विज भी होगा जिसमे दर्शको से भारतीय और विश्व सिनेमा से सम्बदित 5 प्रशन पूछे जायेंगे जिसमे से सही जवाब देने वालो को उपहार दिया जायेगा ।

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