हार्मोन के असंतुलन से हुई डायबिटीज हमेशा के लिए खत्म

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dr prem patidar
Nationaldunia.com

नेशनल दुनिया, जयपुर।

यूं तो डायबिटीज कभी न खत्म होने वाली बीमारी है। मगर कई बार शरीर में हार्मोन्स के अंसतुलन से भी यह जानलेवा रोग मरीज को कई तरह के विकारों से जकड़ लेता है। जयपुर के डाॅक्टरों ने ऐसे ही लंबे समय से डायबिटीज व हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित मरीज के सिर्फ हार्मोनल दवाओं से ठीक कर दिया। अपने तरीके के इस अजब केस में अब मरीज का डायबिटीज रोग हमेशा के लिए खत्म हो गया है। बल्कि बीपी भी काबू में रहने लगा है।

दरअसल सैकंडरी डायबिटीज के कुछ मामलों में मरीज को हार्मोनल असंतुलन के कारण लगातार दवाईयां और इंसुलिन इंजेक्शन देने के बावजूद भी डायबिटीज कंट्रोल नहीं रह पाती। ऐसे में डाॅक्टर भी परेशान हो जाते हैं कि तमाम कोशिशों के बाद भी शुगर अनियंत्रित होकर मरीज को कई अन्य तरह की बीमारियों का शिकार बना देती है।

ऐसा ही एक केस यहां सीनियर एंडोक्राइनोलाजिस्ट डाॅ. प्रेम प्रकाश पाटीदार के पास पिछले दिनों आया। इसे उन्होंने हार्मोन असंतुलन सही करके सिर्फ दवाओं से ठीक कर दिया।

रेवाड़ी (हरियाणा) की 50 वर्षीय महिला निशा छह-सात सालों से डायबिटीज व उच्च रक्तचाप से पीड़ित थी। उनका शुगर लेवल बहुत ज्यादा रहता था। हाई ब्लड प्रेशर पहले से ही रहता था।

कई जगह दिखाया, मगर डाॅक्टरों की दवाईयों, इंसुलिन इंजेक्शन और पूरा परहेज करने के बाद भी कोई लाभ नहीं मिला। शुगर व बीपी कंट्रोल में ही नहीं आ पाया। ऐसे में किसी की सलाह पर उन्हें जीवनरेखा मल्टीस्पेशियलिटी हाॅस्पीटल में डाॅ. प्रेम प्रकाश पाटीदार को दिखाया।

तमाम इलाज के बाद भी मरीज की डायबिटीज कंट्रोल नहीं आने पर डाॅ. पाटीदार ने उनकी हार्मोन की जांच कराई तो डायबिटीज की असल वजह वही निकली। मरीज की एड्रीनल ग्रंथि में हार्मोन की एक गांठ निकली। इसी के कारण इंसुलिन नहीं बन रहा और शुगर लेवल कंट्रोल नहीं हो पा रहा था।

ऐसे में डाॅ. पाटीदार ने मामूली आॅपरेशन कराके गांठ निकाल दी और हार्मोन संतुलन करने के लिए दवाएं दीं तो मरीज पूरी तरह ठीक हो गई। डाॅक्टर का दावा है कि अब मरीज निशा को डायबिटीज की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो गई है और हालिया जांच में उनका शुगर लेवल नोर्मल आया।

इसी तरह ब्लड प्रेशर भी काबू में हो गया है। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में हार्मोन असंतुलन के कारण होने वाली डायबिटीज को हार्मोन की दवाईयों से ही पूरी तरह स्थायी रूप से खत्म किया जा सकता है। यह केस भी इसी तरह का था।

हार्मोन असंतुलन से और क्या परेशानी हुई

मरीज की एड्रीनल ग्रंथि में गांठ की वजह से हार्मोन असंतुलन होने से उनके चेहरे पर बाल उगने लगे, कमजोरी, थकान रहने लगी। हड्डियां भी कमजोर होने लगीं। इसको साथ ही अन्य कई शारिरिक विकार दिखने लगे थे।

अब डायबिटीज की संभावना नहीं

मरीज की ग्रंथि से गांठ निकालने के और कुछ नियमित दवाएं देने से हार्मोन संतुलन ठीक हो गया है। पेनक्रियाज भी ठीक से काम कर रही है। इंसुलिन बनने से शुगर लेवल सामान्य व्यक्ति की तरह हो गया है। अब डायबिटीज की संभावना खत्म हो गई है। बीपी भी सामान्य होने से मरीज स्वस्थ है।

– डाॅ. प्रेम प्रकाश पाटीदार, सीनियर डायबिटीज व थायोराइड एक्सपर्ट

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