पति, चार बच्चों को संतोष और उसके प्रेमी ने नींद सुलाई: ‘प्रेमी से कहा अगर इतना ही नहीं कर सकते तो मेरे लिये क्या कर सकते हो?’

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nationaldunia.com
महेश चौधरी।
वह बीते 9 महीनें से अपने आशिक के साथ मिलकर इश्क में रोडा बन रहे पति को हटाने प्लान बना रही थी। लेकिन मौका नहीं मिला। वह पहले पति को सड़क हादसे में निपटाना चाहती थी, किन्तु उसकी योजना अंजाम तक नहीं पहुंच पाई। फिर पति सहित बच्चों को ज़हर देकर मारना चाहती थी पर इसमें भी सफल नहीं हुई। आखिर अपने प्रेमी संग मिलकर दो सुपारी किलर्स से पूरे परिवार को रास्ते से हटा दिया। अब चारों पुलिस की गिरफ्त में है।
घटना 3 अक्टूबर को अलवर जिले की है। यहां पर बनवारी लाल व उसके तीन बच्चों सहित एक भांजे को रात की नींद में मौत की नींद सुला दिया। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि बनवारी की 35 वर्षीय पत्नी संतोष उर्फ संध्या ने अपने 25 साल के आशिक हनुमान प्रसाद जाट के साथ मिलकर सुपारी देकर परिवार को मौत की नींद सुला दी। पर्दाफाश होने के ड़र से वह अपनी ननद के घर चली गई। इसपर पुलिस को शक हुआ तो दोनों के मोबाइल नंबर की तमाम लोकेशन ट्रेस की गई। जिसमें बीते काफी दिनों से दोनों के बीच लंबी बातें होने की बात सामने आई। अलवर जिला पुलिस अधिक्षक राहुल प्रकाश ने बताया कि जब हमें इस बात की शंका हुई तो अपनी ननद के घर बैठी संतोष उर्फ संध्या को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
यूं दिया घटना को अंजाम
पड़ताल में सामने आया कि संतोष उर्फ संध्या और हनुमान प्रसाद जाट ने मिलकर बनवारीलाल, उसके तीन बच्चों और एक भांजे को मारने की घटना को अंजाम दिया। संध्या ने रात के खाने में अपने पति सहित बच्चों को रायते में नींद की गोलियां पिला दी। जब सभी गहरी नींद में सो गए तो जिन दो जनों को सुपारी दी गई थी, उनको इशारा कर दिया। दो हत्यारों ने संध्या के सामने ही पति बनवारीलाल और उसके दो बच्चों का गला रेत डाला। एक बच्चे के बुखार होने के कारण उसने रायता नहीं खाया था इसलिए हलचल होने पर उसकी आंख खुल गई। हनुमान प्रसाद जाट ने उसका भी धारदार चाकू से गला रेत दिया।
सास—ससुर को भी रास्ते से हटाना चाहती थी
जिस रात को चोहरा हत्याकांड़ हुआ, उसी दिन संध्या के सास—ससुर व देवर गांव जा रहे थे। इश्क में कभी रोडा नहीं बने इसलिए संध्या उनको भी रास्ते से हटाना चाहती थी, लेकिन वे सभी गांव चले गए। संध्या के पुलिस की पकड़ में आने के बाद सास—ससुर से बात की तो पता चला कि उनको व देवर को भी उस रात घर पर रखना चाहती थी, लेकिन उन्होंने जिद कर गांव की राह पकड़ ली। संतोष उर्फ संध्या ने बताया कि वह पूरे परिवार को खत्म कर पूरी संपत्ति सहित हनुमान प्रसाद जाट के साथ ब्याह रचाना चाहती थी। इसलिए उसने अपने सास—ससुर व देवर से रात को रुकने की खूब मिन्नतें की।
नहीं मारना चाहता था हनुमान प्रसाद जाट
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि हनुमान प्रसाद जाट संतोष उर्फ संध्या के साथ काफी समय से संपर्क में था। बाद में दोनों के बीच इश्क हो गया। जब दोनों का इश्क परवान चढ़ने लगा तो संध्या ने हनुमान जाट के साथ रहने की जिद पकड़ ली। उसने हनुमान को किसी भी तरह से उसके शादी करने का दबाव बनाया। हनुमान ने संध्या से कहा कि वह बनवारीलाल से तलाक ले लें और उससे शादी कर लें। लेकिन संध्या ने कहा कि पहले उसके पति को मार दें, ताकि शादी करने में रुकावट नहीं बने। इसके लिए हनुमान जाट ने उसे मना किया, लेकिन उसने जिद पकड़ ली। संध्या ने हनुमान जाट से कहा कि ‘अगर वह उसके लिए इतना ही नहीं कर सकता तो बाद में क्या करेगा’। इस तरह के ताने मारकर उसने हनुमान जाट को उकसाया। इसके बाद दोनों ने योजनाबद्ध रूप से चाकू खरीदकर दो जनों को सुपारी देकर हत्या कर डाली। अब संतोष उर्फ संध्या, हनुमान प्रसाद जाट और दोनों किलर पुलिस की गिरफ्त में हैं।
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