जैसलमेर भाजपा के मुस्लिम नेता जीवण खान की करोड़ों की संपत्ति की जांच के आदेश

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जैसलमेर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष जीवण खान के खिलाफ सबूत जुटाने में लगी सरकारी एजेंसिया।
मुस्लिम नेता जीवण खान पर है सैकड़ों बीघा जमीन हथियाने तथा करोड़ों की संपत्ति जुटाने का हैं आरोप।

दिलीप सोनी।

जैसलमेर जिले के भाजपा नेता जीवण खान भारेवाला की मुसीबतें बढती नजर आ रही हैं। जिले के इस महत्पूर्ण बीजेपी के मुस्लिम नेता पर राजस्थान की ही भाजपा सरकार ने ही नजरे तिरछी कर ली हैं। राज्य सरकार ने पुलिस और एसीबी व आयकर विभाग को जीवण खान की संपत्तियों की जांच करने के आदेश दिए हैं। निर्देश दिया गया है कि गलत तरीके से संपत्ति इकट्ठा करने के संकेत मिलने पर तत्काल कार्यवाही करें।

कौन हैं जीवण खान?

जीवण खान जैसलमेर के नाचना क्षेत्र के बॉर्डर पर बसे गांव भारेवाला के निवासी हैं। भारेवाला गांव के सरपंच पद के साथ ही भाजपा में कई पदों पर रह चुके हैं। जीवण खान को जैसलमेर के कांग्रेस नेता, हिस्ट्रीशीटर व मुस्लिम धर्मगुरु गाजी फ़क़ीर से विरोध के चलते भाजपा की और रूख किया। भाजपा में मुस्लिम नेताओं की कमी के कारण बहुत तेजी से पार्टी में प्रदेश स्तर तक पैठ बना ली। जीवण खान द्वारा पोकरण क्षेत्र से विधायक की टिकट की दावेदारी भी जताई जाती रही है। मशहूर पत्रकार अनिल लोढ़ा द्वारा Etv राजस्थान चैनल में ‘चुनाव एक्सप्रेस’ में इनका एक इंटरव्यू भी लिया गया था। जिसके बाद जीवण खान की प्रसिद्धी और ज्यादा हो गयी। इस इंटरव्यू का विडियो नीचे दिया जा रहा है—

गाजी फ़क़ीर के खास थे जीवण खान

भाजपा में आने से पहले जीवण खान नाचना क्षेत्र में गाजी फ़क़ीर के खास थे। इनके साथ चिन्नू गांव के नब्बू खान, पांचे का तला के आमद खान तथा जालूवाला गांव के मौलवी अब्दुल रहमान और शेखों का तला के मौलवी कायमदीन कोटवाल भी गाजी बिग्रेड के हिस्से थे। गाजी फ़क़ीर पाकिस्तान से संबधों के चलते बहुत बदनाम रहा है। गाजी के सहयोग से ये पांचो अपने—अपने गांवों के सरपंच बन गये और कुछ ही वर्षों में महंगी लग्जरी फोर्च्युनर गाड़ियों में घूमने लगे। अब ये बेहिसाब संपत्ति के मालिक बन गये हैं।

बाद में गाजी फ़क़ीर से सामाजिक मामलों में हुई तकरार के बाद जीवन खान भाजपा से जुड़ गये। मौलवी कायमदीन कोटवाल को  तो भाजपा ने प्रदेश कार्यकारिणी में सदस्य बना रखा है। गत भाजपा सरकार में भेड़—ऊन विभाग में चेयरमैन पद पर रखा था। जीवण खान के साथ ही ये सब भी जांच के दायरे में लाये जाए तो बहुत बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।

क्यूं शुरू हुई जांच?

भारेवाला गांव के ही रहने वाले अलादाद खान, जो कि भाजपा के कार्यकर्ता हैं ने आरोप लगाया कि उसकी टीसी आवंटन की दावाशुदा जमीन को जीवण खान ने अपने राजीनीतिक प्रभाव के चलते आवंटन करवा लिया और जमीन वापिस देने की एवज में 30 लाख रूपये की मांग कर रहा है। मामले को निपटाने के लिए स्थानीय स्तर पर कई बार पंचायती की गई, पर जीवण खान के अडियल रवैये के चलते समझौता नहीं हो पाया। स्थानीय प्रशासन को अलादाद द्वारा शिकायते की गयी, लेकिन बताया जाता है कि इनको जीवण खान ने दबवा दिया।

परेशान होकर अलादाद ने प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायत भेजी। जंहा से मुख्यमंत्री कार्यालय को आदेश दिया गया कि जीवण खान की जांच की जाएं। अलादाद ने अपनी शिकायतों में आरोप लगाया है कि 15 साल पहले तक एक सामान्य आदमी की तरह रहने वाला जीवण खान अचानक से करोड़ों का मालिक बन गया। उसके पास सैकड़ों बीघा नहरी जमीन है। बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर व नाचना कस्बे में आलिशान कोठियां हैं। इसके अलावा सैकड़ों बीघा नहरी जमीन पर ये अवैध काश्त करता हैं और नहर के पानी की चोरी करता है। इसके राजनितिक कद के चलते जिले के अफसर इस पर कार्यवाही नहीं करते।

इसी सिलसिले में जैसलमेर एसपी ने नाचना थाने में जांच भेजी थी, जिसको जीवण खान ने अपने प्रभाव के चलते दबा दिया। जिस पर अलादाद ने एसीबी महानिदेशक को पत्र लिखकर जीवण खान द्वारा भ्रष्ट तरीको से संपत्ति अर्जित करने की शिकायत की। जिसके बाद एसीबी ने मुख्य आयुक्त आयकर विभाग को जांच करने को कहा है।

 

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