बाड़मेर के ‘काले सोने’ में मिलीभगत का यह है गोरखधंधा

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crude oil theft
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—25 फीसदी के साथ सबसे अधिक उत्पादन करने वाले बाड़मेर के मंगला क्षेत्र में क्रूड आॅयल की सबसे बड़ी चोरी का पर्दाफ़ाश

बाड़मेर।

देश के सबसे बड़े प्राकृतिक तेल भंड़ार से निकलने वाले काले सोने के कारोबार में गोरखधंधा सामने आया है। पाकिस्तान की सीमा से सटे बाड़मेर जिले की पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 31 लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि इस काले कारनामें से अब तक 45 से 50 करोड़ रुपए का कच्चा तेल चोरी हो चुका है। यह तेल यहां से तकरीबन 50 किलोमीटर दूर ले जाया जाता था। जहां पर इसको साफ कर अलग—अलग राज्यों में भेजा जा रहा था।

शुरुआती पूछताछ के बाद पुलिस ने जो तीन फैक्ट्रियों को पकड़ने का दावा किया है, उन्हें सीज कर दिया गया है। काले सोने के काले कारोबार की जांच बाड़मेर—जैसलमेर से भाजपा सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी तक आ पहुंची है। पुलिस जांच में सामने ये भी आया है कि कर्नल सोनाराम के एक रिश्तेदार को प्रोड्यूस वाटर (अपशिष्ट पानी) के टैंकरों में क्रूड ऑयल भरकर ले जाने का ठेका मिला हुआ था। इस अपशिष्ट पानी को साफ करने के लिए एमपीटी नागाणा में पिट बने हुए है, जहां टैंकरों के जरिए टैंकर खाली होते हैं। यहीं पर प्रोड्यूस वाटर का शुद्धिकरण करने का काम किया जाता है।

पड़ोसी राज्यों में भेजा जा रहा था तेल

गिरोह के जिन 31 लोगों को पुलिस ने दबोचा है, उन्होंने अब तक 5 करोड लीटर कच्चे तेल की चोरी करने की बात स्वीकार की है, लेकिन पुलिस को शक है कि क्रूड आॅयल की बड़ी मात्रा में काला बाजारी की गई है। यह गिरोह बीते 4-5 वर्षों से कच्चे तेल की चोरी को अंजाम दे रहा था। बाड़मेर पुलिस अधीक्षक डॉ. गगनदीप सिंगला ने बताया कि चोरी करने वाले इस रैकेट में पकड़े गए आरोपियों से जानकारी मिली है कि क्रूड आॅयल को साफ करने बाद तैयार तेल पड़ोसी राज्यों गुजरात के अलावा पश्चिम बंगाल और दिल्ली में भी भेजा जा रहा था।

कंपनी के अधिकारी—कर्मचारी ही चोरी में शामिल

जिला एसपी डॉ. सिंघला के अनुसार जांच में यह भी पता चला है कि इस रैकेट के सदस्यों के साथ कंपनी के कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत थी। पुलिस के अनुसार तेल चोरी के इस गिरोह में 100 से ज्यादा लोग शामिल थे। जिनमें कंपनी के कुछ अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस ने तेल की काला बाजारी करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे 33 टैंकर्स को जब्त किया है।

ऐसे हुआ तेल चोरी के मामले का खुलासा

बताया जा रहा है कि वैसे तो क्रूड आॅयल की यह चोरी करीब 4—5 साल से हो रही थी, लेकिन सबकुछ चुपके—चुपके चल रहा था। लेकिन बीते दिनों कर्मचारियों के बीच चोरी के पैसे के बंटवारे को लेकर अनबन हो गई। जिसके बाद उनमें से ही एक कर्मचारी ने कपंनी के बड़े अधिकारी को जानकारी दे दी। इसी आधार पर केयर्न इंडिया ने नागाणा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बताया कि एमपीटी क्षेत्र के बायतु विधानसभा क्षेत्र के सरस्वती फील्ड में वेलपेड़ नम्बर एक, कोसलू से 20 जुलाई को एक टैंकर चालक कच्चा तेल व अपशिष्ट पानी भरकर ले जा रहा था, लेकिन उसने सिर्फ क्रूड ऑयल की ही बिल्टी बनवाई। रतासर निवासी ड्राइवर सताराम पुत्र रूपाराम व उसी टैंकर का हेल्पर लापला निवासी धर्माराम पुत्र प्रहलादराम नागाणा एमपीटी पहुंचे। यहां पर टैंकर मंगला ट्रमिनल पर खाली होना था, लेकिन इससे पहले की वह खाली हो पाता, पुलिस ने टैंकर को चालक—हेल्पर सहित जब्त पकड लिया। टैंकर की जांच की गई तो उसमे तीन कम्पाउंड अपशिष्ट पानी व दो कम्पाउंड में क्रूड ऑयल भरा था।

रात को केवल गोरखधंधा

पता चला कि रात के समय 6 बजे से 12 बजे तक गिरोह में शामिल सभी लोग कंपनी का काम छोड़कर पूरी तरह अपने इसी काम में लग जाते थे। पुलिस का कहना है कि तेल दोहन और उसको साफ करने के दौरान यहां से निकले सह-उत्पाद, जिसमें अपशिष्ट पानी होता है, उसको टैंकरों द्वारा पिट पर ले जाने के लिए कई ड्राइवर लगे हुए हैं। किंतु ये ड्राइवर्स टैंकरों में अपशिष्ट पानी ले जाने के बजाए कच्चा तेल भरकर ले जाते थे। पुलिस के अनुसार अपशिष्ट पानी के टैंकर्स में क्रूड आॅयल ले जाने के दौरान टैंकरों में लगे जीपीएस को भी बंद कर देते थे, जिसके चलते उन्हें ट्रैक नहीं किया जा सकता था।

सांसद पर आंच आई, लेकिन सबूत नहीं मिले

करोड़ों रुपये के क्रूड ऑयल चोरी के इस हाई प्रोफाइल मामले में बाड़मेर पुलिस की जांच में बाड़मेर–जैसलमेर से बीजेपी के सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी के रिश्तेदार लालचन्द पाबड़ा भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस की शुरुआती जांच के पाया गया है कि क्रूड आॅयल चोरी के इस खेल में श्रीमोहनगढ़ कंट्रक्शन कम्पनी की भूमिका संदेह के घेरे में है। बताया जा रहा है कि ये कम्पनी टेंकरों से अपशिष्ट पानी परिवहन करने की आड़ में क्रूड ऑयल की चोरी कर रही थी। सूत्र बताते हैं एसएमसी कम्पनी एमपी कर्नल सोनाराम के रिश्तेदार लालचन्द की है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि कर्नल सोनाराम के रसूख के कारण एसएमसी को केयर्न इंडिया में टैंकरों से अपशिष्ट पानी ले जाने का काम मिला था। इस कम्पनी में लगे टैंकरों और उसके ड्राइवर्स ने पिछले चार—पांच साल में करोड़ो का क्रूड ऑयल चोरी कर सरकार को राजस्व की बड़ी चपत लगाई है। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि क्रूड ऑयल का गिरोह ने सीज की गई 3 फैक्ट्रियों के अलावा भी दूसरी जगह पर जुगाड़ बना रखा है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

सबसे ज्यादा टैंकर इसी कंपनी के हैं

एमपीटी नागाणा क्षेत्र के तेल कुओं से निकलने वाले क्रूड ऑयल के ट्रांसपोर्ट के लिए श्रीमोहनगढ कंस्ट्रक्शन कम्पनी एवं नरेन्द्र रोड़ लाईन्स के 44 टैंकर लगा रखे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इनमें से 39 टैंकरों से कच्चा तेल चोरी किया जाता था। तेल चोरी के इस गोरखधंधे में कर्नल सोनाराम चौधरी के रिश्तेदार पर उंगली उठ रही है, पुलिस भी इसकी गहनता से जांच करने में जुटी है, लेकिन कर्नल सोनाराम चौधरी इन आरोपों को बेबुनिया करार दिए हैं।

रिलायंस का नाम भी उछाला जा रहा है

इस बीच सामने आया है कि सीज की गई तीन फैक्ट्रियां तो महज एक नमूना है और स्वीकार की गई चोरी तो नाममात्र का खेल है। यहां से चोरी क्रूड आॅयल गुजरात में रिलायंस इंडस्ट्रीज तक पहुंचने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस ने अभी इस तरह की बातों को मानने से इनकार किया है। लेकिन इस पूरे प्रकरण में नागाणा थाना पुलिस और बाड़मेर एसपी डॉ. गगनदीप सिंगला भी फूंक—फूंक कर कदम रख रहे हैं।

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