सरकार ने विद्यार्थी मित्रों को बनाया फुटबॉल

77

अशोक सिहाग।

3 साल बेरोजगारी का दंश झेल कर 24163 में से आधे अधूरे पंचायत सहायक बने विद्यार्थी मित्र अब अपने आप को ठगा हुआ सा महसूस कर रहे हैं। वर्तमान भाजपा सरकार ने 24163 विद्यार्थी मित्र शिक्षकों को स्थायीकरण का वादा कर एक जमादार से भी बदत्तर जीवन जीने को मजबूर कर दिया है।

कहने को तो पंचायत सहायक के रूप में 27000 लोगों को नियुक्ति देने की बात की जा रही है, परंतु वर्तमान में भी 6000 विद्यार्थी मित्र दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो रहे हैं। जो विद्यार्थी मित्र शिक्षक पंचायत सहायक बने हैं, उनको सरकार के दो विभागो पंचायती राज विभाग और शिक्षा विभाग ने फुटबॉल के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

कभी एक विभाग में, कभी दूसरे विभाग में, कभी पंचायत में तो कभी स्कूल में। कभी बच्चों को पढ़ाने के लिए तो कभी जनगणना के लिए, कभी जियो ट्रैकिंग के लिए और कभी सरकार की विभिन्न योजनाओं की देखभाल के लिए इन विद्यार्थी मित्रों का एक जमादार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। न कोई सुविधा है, न समय पर वेतन है, न ही किसी प्रकार की कोई छुट्टियां हैं। उस पर भी जब जिसकी मर्जी हो हटा देता है, जिसकी जैसी मर्जी होती है, वैसा हुक्म कर देता है।

सरकार के दोहरे रवैए से परेशान होकर के अब तक 65 विद्यार्थी मित्र शिक्षक आत्महत्या करने पर मजबूर हो चुके हैं और बहुत से मरने की कगार पर हैं। विद्यार्थी मित्र शिक्षकों द्वारा बार-बार आंदोलन करने पर सरकार द्वारा सकारात्मक आश्वासन की बात की जाती है और थोड़े दिनों बाद में उसको भुला दिया जाता है। सरकार ने 24163 विद्यार्थी मित्रों को समायोजन करने के लिए विद्यालय सहायक के रूप में जो भर्ती निकाली थी, आज वह पिछले 3 साल से सर्वोच्च न्यायालय में अटकी पड़ी है। सर्वोच्च न्यायालय से भर्ती को बाहर निकाल करके विद्यार्थी मित्र शिक्षकों को स्थाई रोजगार प्रदान करने की दिशा में सरकार द्वारा अब तक कोई प्रयास नहीं किया गया है।

दूसरी तरफ पंचायत सहायक के रूप में विद्यार्थी मित्रों का जो शोषण किया जा रहा है, वह एक तरीके से सरकार द्वारा विद्यार्थी मित्र शिक्षकों के आंदोलन को कुचलने का एक षड्यंत्र मात्र है, ताकि जो लगे हैं वह दो डिपार्टमेंट के बीच फुटबॉल बने रहें, और जो अभी तक वंचित हैं, वह दर दर भटकते रहें, ताकि दुबारा संगठित न हो पाएं। राजस्थान विद्यार्थी मित्र शिक्षक संघ का सरकार को खुला और स्पष्ट चेतावनी भरा संदेश है कि या तो जल्द से जल्द विद्यार्थी मित्र शिक्षकों की समस्याओं का समाधान कर 24163 विद्यार्थी मित्र शिक्षकों को स्थाई रोजगार प्रदान किया जाए, वरना विद्यार्थी मित्र शिक्षक एक बार फिर सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। सरकार को हर जिले, ब्लॉक में घेरा जायेगा। किसी भी MLA, MP, मंत्री को जिला, ब्लॉक में कोई कार्यक्रम नहीं करने दिया जाएगा। राजस्थान विद्यार्थी मित्र शिक्षक संघ द्वारा अभी सरकार के सभी मंत्रियों विभागाध्यक्ष से मुलाकात कर विद्यार्थी मित्रों के संदर्भ में कोई स्पष्ट नीति का निर्माण कर स्थाई रोजगार की मांग की गई थी।

लेखक- प्रदेश संयोजक, विद्यार्थी मित्र शिक्षक संघ

Facebook Comments
SHARE